बालिका गृह मामले में मुज़फ़्फ़रपुर के एससी एसटी कोर्ट अजय कुमार मल्ल की अदालत ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित तीन आरोपियों को  किया गया रिहा, अदालत ने कहा कि इनके विरुद्ध इस मामले में नहीं मिला कोई साक्ष्य 

BIHAR: बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर से बड़ी खबर सामने आई है जहां देश के बहुचर्चित मामले बालिकागृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित तीन अन्य को बाईज्जत बरी किया गया है ।मामला स्वाधारगृह से जुड़ा है ।
दरअसल चर्चित बालिकागृह मामले में कई अलग अलग मुकदमे दर्ज हुए थे जिनमें स्वाधार गृह से जुड़ा मुकदमा भी था । अदालत से बरी करने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को वापस तिहार जेल भेज दिया क्योंकि पूर्व से सभी आरोपियों को एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है । सभी आरोपी दिल्ली के तिहार जेल में सजा काट रहे हैं ।
मुज़फ़्फ़रपुर के एससी एसटी कोर्ट में चल रहे इस मुकदमे में पिछले दो डेट पर फैसला नही हो पाया था ।

दरअसल मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की एनजीओ सेवा संकल्प के तहत संचालित स्वाधारगृह में 11 महिलाओं और चार बच्चों के साथ हुए कथित दुष्कर्म और गायब करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था ।बालिकागृह के साथ स्वधारगृह का मामला सामने आने के बाद पूरे देश मे काफी हंगामा मचा था और बिहार सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

पूरा मामला टीस की रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद 2018 में खुला, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) के ऑडिट रिपोर्ट में यह स्पष्ट तौर पर दर्ज था कि मुज़फ़्फ़रपुर के स्वधारगृह में महिलाओं और बच्चों पर अमानवीय जुल्म ढाए जा रहे हैं ।

सजा मिलने के बाद विशेष एससी/एसटी कोर्ट के पीपी जयमंगल प्रसाद ने बताया कि ब्रजेश ठाकुर को तिहाड़ जेल से विशेष सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया , आज माननीय कोर्ट ने इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है ।मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर ,साईस्ता प्रवीण (मधु) और रामानुज ठाकुर और कृष्ना में से रामानुज ठाकुर की मृत्यु हो चुकी है ।

बाइट -जयमंगल प्रसाद पीपी

शाइस्ता प्रवीण @मधु के अधिवक्ता प्रियरंजन अन्नू ने बताया कि साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को माननीय अदालत ने बरी कर दिया है ।

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