Hemant Soren: झारखंड CM हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद!

Hemant Soren: राज्यपाल ने चुनाव आयोग की सिफारिश पर लिया फैसला, चुनाव लड़ने को लेकर निर्णय नहीं

Hemant Soren: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद होने की खबर सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी बनी हुआ है। इस फैसले के बाद CM हेमंत इस्तीफा दे सकते हैं। इस्तीफे के बाद वे विधायकों के समर्थन-पत्र राज्यपाल को देकर दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के अनुसार हेमंत सोरेन के ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में राज्यपाल ने उनकी विधानसभा सदस्यता रद करने की अनुशंसा कर दी है।

Hemant Soren: मीडिया रिपोर्ट्स में सीएम के खदान लीज का पट्‌टा लेने के मामले में चुनाव आयोग ने गुरुवार को ही राज्यपाल से सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की थी। चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित करने के मामले में कोई फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, राजभवन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। चुनाव आयोग इसकी अधिसूचना जारी करेगा। संभवतः कल इसके जारी होने की संभावना है।

Hemant Soren: इसके पहले सीएम हाउस में महागठबंधन विधायक दल की बैठक भी है। बैठक में जेएमएम, कांग्रेस और राजद के विधायक सीएम शामिल थे। बैठक में राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई। वहीं राज्यपाल रमेश ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मामले में राय ली थी। उन्होंने झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ आयोग के लीगल एक्सपर्ट व अन्य बड़े अधिकारियों से भी बात की। इससे झारखंड सरकार संकट में आ गई है।

Hemant Soren: बता दें कि बीजेपी ने हेमंत सोरेन पर मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए रांची के अनगड़ा में 88 डिसमिल पत्थर माइनिंग लीज लेने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद राज्यपाल ने चुनाव आयोग से इस मामले में राय मांगी थी। गुरुवार को विशेष दूत ने नई दिल्ली से रांची आकर सीलबंद लिफाफे में चुनाव आयोग की राय राजभवन को सौंप दी है। झामुमो सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी गई तो उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

बता दें कि महागठबंधन की मीटिंग सीएम हाउस में चली। कांग्रेस विधायक दल के नेता और मंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि राज्य में अगर जरूरत पड़ेगी तो बंगाल में रह यह हमारे 3 विधायक को भी हम रांची बुला सकते हैं। आलमगीर आलम ने कहा है कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने राज्यपाल को जो रिपोर्ट भेजा है, उसकी कोई नोटिस नहीं मिली है।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के किए ट्वीट रिसोर्ट पॉलिटिक्स के पूछे सवाल पर आलमगीर आलम ने कहा कि सभी विधायक एकजुट हैं। हमें अपने विधायकों कहीं ले जाने की जरूरत नहीं है। सभी विधायकों को रांची में ही रहने का निर्देश दिया गया है।

वहीं बन्ना गुप्ता ने कहा कि हम लोग बंगाल या छत्तीसगढ़ क्यों जाएंगे। हम लोग डरने वाले में नहीं हैं। रांची में रहेंगे। तमाम समस्याओं का सामना कर रास्ता निकालेंगे। राज्यपाल रमेश बैस भी चार दिनों की दिल्ली यात्रा के बाद गुरुवार को रांची आ गए।

Hemant Soren: उधर कांग्रेस ने गुरुवार को ही अपने सभी विधायकों को रांची बुला लिया है। गुरुवार देर रात पार्टी के सभी विधायकों-मंत्रियों के साथ प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बैठक की। राज्य में बन रही मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए विधायकों को रांची में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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